हर भारतीय का यह अधिकार है कि वह अपनी इच्छा के अनुसार कहीं भी जाकर अपने सपनों को पूरा करें पलायन कोई आज की परिघटना नहीं है गांव लौटते मजदूर जो संकट आज हम सड़कों पर देख रहे हैं उसे जल्द भूल पाना आसान भी नहीं होगा यह मजदूरों का पलायन नहीं बल्कि मानव पूंजी का प्लान है क्योंकि यही लोग हमारे देश की अर्थव्यवस्था के स्तंभ है गांव लौटना इनको उचित इसलिए लगा कि वहां लोग उन्हें भूख से मरने नहीं देंगे मुमकिन है कि इनमें से ज्यादातर अब फिर से गांव छोड़ना भी नहीं चाहेंगे क्योंकि उन्होंने सड़कों पर कई कई दिनों तक तपती हुई दोपहर में जिंदगी और मौत की लड़ाई लड़ी है सांप है इनके दोबारा ना लौटने से शहरों में कामगारों की कमी महसूस होगी जिससे उत्पादन पर भी नकारात्मक असर पड़ेगा हमारी अर्थव्यवस्था में रोबोट या ऑटोमेशन या यूं कहें कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की भूमिका बहुत सीमित है इसलिए कामगारों पर उद्योगों की निर्भरता बनी हुई है ऐसे में इनका हमेशा के लिए पलायन चिंतनीय हो सकता है विस्तृत जानकारी के लिए 92787 01369 पर मिस कॉल कर मुंगेर जिले के हर छोटी बड़ी खबर को नंबर 3 दबाकर अपनी राय एवं समस्या को साझा भी कर सकते हैं यदि आप इस स्मार्टफोन उपयोग करता है तो प्ले स्टोर से मोबाइल वाली डाउनलोड कर अपनी राज समस्या प्रतिक्रिया रिकॉर्ड कर सकते हैं धन्यवाद