बरडीहा गांव के प्रवासी श्रमिकों के साथ मारपीट करने के कारण यह लोग वहां से भागकर अपने निजी गांव आ गए जहां पर ग्रामीणों के द्वारा इनके रहने के लिए विद्यालय का ताला खुलवाया गया और खाने-पीने की समुचित व्यवस्था की गई सुनने के लिए क्लिक करें