हड़ताली शिक्षकों को मुख्यालय में योगदान देना सरकार की तुगलकी फरमान : संघ। सरकार के आदेश पर शिक्षक और संघ के छूट रहे पसीने। गंगा रजक की खास रिपोर्ट। मुंगेर। शिक्षा विभाग द्वारा हड़ताली शिक्षकों को मुख्यालय में योगदान देने को लेकर माध्यमिक शिक्षक संघ ने इसका जोरदार विरोध किया है तथा इसे तुगलकी फरमान भी कहा है । संघ के अध्यक्ष व महासचिव केदारनाथ पांडे एवं शत्रुघ्न प्रसाद सिंह ने संयुक्त पत्र लिख कर विरोध जताया है तथा कहा है कि शिक्षकों को शिक्षा विभाग द्वारा मुख्यालय ज्वाइन करना शिक्षकों को परेशान करना है और यह तुगलकी फरमान है। ज्ञात हो कि बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ के बैनर तले 40 हजार शिक्षक 25 फरवरी से हड़ताल पर चले गए थे। जिसके बाद 4 मई को संघ ने स्वयं पहल कर हड़ताल तोड़ दिया और 5 मई से शिक्षक योगदान करने लगे । लेकिन विभाग ने शिक्षकों को मुख्यालय में स्वयं योगदान करने को कहा है। विदित हो कि यदि संघ और सरकार के बीच वार्ता हुई है तो क्या संघ वार्ता करने में विफल रही या ये राजनीति का ही कोई हिस्सा है या सरकार के नजर में संघ का सम्मान अब कुछ भी नहीं रहा ? कहीं संक्रमण काल में संघ भी तो नहीं आ गया है।
