प्लस टू शिक्षक निलंबित हाई स्कूल शिक्षक पर नहीं हुई कार्रवाई। संध के शीर्ष नेताओं पर उठ रहे कई सवाल।  गंगा रजक की रिपोर्ट । मुंगेर । जिले में प्लस 2 शिक्षकों के निलंबन के बाद शिक्षकों के बीच दूरी बढ़ गई है तथा मनमुटाव भी स्पष्ट दिख रहा है मूल्यांकन नहीं किए जाने को लेकर अफसरों द्वारा प्लस 2 शिक्षकों का निलंबन तो कर दिया गया लेकिन हाई स्कूल शिक्षकों को निलंबन नहीं किया गया इससे शिक्षकों के बीच दूरी बढ़ गई है तथा इसको लेकर संघ को ही प्लस टू शिक्षक जिम्मेदार मान रहे हैं और एक सोची-समझी रणनीति के तहत ऐसा हुआ है। जिले में 96 प्लस टू शिक्षकों का निलंबन हुआ। वैसे प्रधान सचिव आरके महाजन के आश्वासन के बाद निलंबन वापस हो गया। लेकिन प्लस टू शिक्षकों के दिल का घाव अब जख्म बन उभर रहा है। इस संदर्भ में नियोजित प्लस टू शिक्षक डॉक्टर सुनील कुमार यादव ने बताया कि संध के शीर्ष नेताओं कार्य से मैं क्षुब्ध हूं क्योंकि संघ के शीर्ष नेताओं ने सरकार के समक्ष नतमस्तक होकर हड़ताल को समाप्त कराया। ऐसे नेताओं को चुनाव में बदलने की आवश्यकता है। इस संदर्भ में माध्यमिक शिक्षक संघ के जिला सचिव वकील राम ने कहा कि हड़ताल कोरोना का शिकार हो गया और शिक्षक भी विद्यालयों में योगदान देने लगे थे। जिससे संघ भी लाचार हो गया।