प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय लकड़ी गोला बेकापुर में 84 वां महाशिवरात्रि महोत्सव धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर परमात्मा की महा वाक्य मुरली भी उपस्थित श्रद्धालुओं को सेवा केंद्र के संचालिका बीके चंद्रा दादी ने सुनायी। उन्होंने उपस्थित श्रद्धालुओं को बताई की शिवरात्रि पर जागरण का अर्थ अज्ञान निंद्रा से जागने की निशानी है ।शिवरात्रि पर व्रत का अर्थ विषय विकारों के त्याग की प्रतिज्ञा है । जल की लोटी चढ़ाना का अर्थ मन के पवित्र प्रेम का अर्पण है।कलावा बांधना का अर्थ आत्मा का परमात्मा से मन का बंधन बांधना है। वहीं उपस्थित बीके शंकर भाई ने शिव रहस्य के बारे में बताया कि शिवरात्रि के मौके अक धतूरा चढ़ाने का अर्थ है मनोविकार रुपी विष का त्याग करना। बेलपत्र चढ़ाने का अर्थ है मन बुद्धि संस्कार सहित शिव पर अर्पण होना ।तिलक लगाने का अर्थ है कि आत्म स्मृति में रहना। शिवरात्रि के मौके पर सभी भाईयों और बहनें मिलकर शिव तथा उनके बच्चों का जन्मदिन केक काटकर मनाया। सभी भाइयों बहनों ने एक साथ मिलकर बड़े ही उमंग उत्साह के साथ शिव के झंडा कि सुंदर गीत गाया।मौके पर बीके कृष्णा, बीके मीना ,बीके ज्योति, बीके नंदकिशोर उर्फ बच्चू, बीके शरण पहुजा आदि मौजूद थे।
