अनिश्चितकालीन धरने के आठवें दिन महिलायें, बच्चे, बच्चियाँ और बुजुर्ग सभी लगातार बैठे हैं।यहाँ मौजुद लोग अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हुए सीएए,एनआरसी और एनपीआर के विरोध में अपना समर्थन दे रहे हैं। इसी बीच एक छात्रा आरफा ने अपनी कविता के माध्यम से अपनी बात कही और बेबाकी से अपने विचार रखे। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।