सुभाष चन्द्र बोस जयंती दिनांक 23.01.2020 दिन गुरूवार को पूरनमल सावित्री देवी बाजोरिया सरस्वती शिशु मंदिर नरगाकोठी के प्रांगण में विद्यालय के भैया/बहनों द्वारा सुभाष चन्द्र बोस जयंती मनाई गई ।कार्यक्रम का प्रारंभ विद्यालय के जयंती प्रमुख सुबोध ठाकुर, अभिजीत आचार्य, शशि भूषण मिश्र एवं चतुर्थ अ की बहन साक्षी प्रिया द्वारा संयुक्त रूप से सुभाष चन्द्र बोस की प्रतिमा पर पुष्पार्चण एवं दीप प्रज्वलित कर किया गया । विद्यालय के प्रधानाचार्य रंजीत कुमार आचार्य ने कहा कि आज सुभाष चन्द्र बोस की जयंती मना रहे हैं ।ऐसे महापुरुषों को बार-बार याद करने की आवश्यकता है ।उनके विचारों को जीवन में उतारने की जरूरत है ।अन्याय सहना और गलत के साथ समझौता करना सबसे बड़ा अपराध है ।जीवन में प्रगति का आशय यह है कि शंका संदेह उठते रहें और उनके समाधान के प्रयास का क्रम चलता रहे।उनके देशप्रेम को देखते हुए गांधी जी ने उन्हें देशभक्तों का देशभक्त कहा था ।सामाजिक कार्यों में उनका खूब लगाव था ।उनके महान विचार हमेशा ही युवाओं को प्रेरित करते हैं ।उनकी आजाद हिंद फौज की शक्ति की गूँज आज भी भारत के स्वतंत्रता इतिहास की बड़ी पूँजी मानी जाती है ।सुभाष चन्द्र बोस के विचारों को याद करते हुए पीढ़ी दर पीढ़ी प्रेरणा मिलती है और मिलती रहेगी । शशि कांत गुप्ता ने कहा कि सुभाष चन्द्र बोस एक वन मेन आर्मी थे जिसने देश की आजादी को प्राप्त करने के लिए उन्होंने विदेशों में रहने वाले सभी भारतीयों को एकत्रित किये और बोले यदि भारत की आजादी चाहते हो तो तुम्हें सैनिक बनना होगा और दुश्मन से लड़ने के लिए तुम्हें सैन्य अभ्यास करना होगा ।शेर बनकर देश की आजादी लेना चाहते थे ।स्वाभिमान को अक्षुण्ण रखते हुए स्वतंत्रता पाना चाहते थे ।आन बान और शान के एकमात्र प्रतिपूर्ति धे ।भारत माता के सच्चे सपूत थे ।हमें उनके बताये मार्ग पर चलना चाहिए । कक्षा द्वितीय से पंचम तक के भैया/बहनों द्वारा उनके विचार प्रस्तुत किये गये साथ ही विद्यालय के विभिन्न आचार्यों द्वारा विचार व्यक्त किया गया । इस अवसर पर रंजीत कुमार आचार्य,शशि भूषण मिश्र, नरेन्द्र कुमार, मनोज तिवारी, अमर ज्योति, अभिजीत आचार्य, संजीव ठाकुर, सुबोध ठाकुर, सुबोध झा, गोपाल सिंह, दीपक कुमार, उपेन्द्र प्रसाद साह, अंजू रानी, कविता पाठक, ललिता झा, सुप्रिया कुमारी, उपस्थित थे । मीडिया प्रभारी भागलपुर विभाग से शशि भूषण मिश्र की रिपोर्ट ।