यदि आपके नवजात का वजन जन्म से ही कम हो, वह आसानी से रोगों की चपेट में आ रहा हो तो आपको घबराने की जरूरत नहीं है। घर पर ही इसका आसान ईलाज उपलब्ध है। इससे बचाव के लिए कंगारू मदर केयर एक प्रभावी देखभाल है। जिसमें माता या पिता द्वारा नवजात को सीने से लगाकर शरीर की गर्मी प्रदान की जाती है. इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिला में सामुदायिक स्तर पर महिलाओं को कंगारू मदर केयर के बारे में लोगों को जागरूक किया जा रहा है. ठंड के मौसम में हाइपोथर्मिया का अधिक ख़तरा जिला सिविल सर्जन डॉ. राजकिशोर चौधरी ने बताया जन्म के बाद शिशु के शरीर के तापमान को निरंतर नियंत्रित करने की जरूरत होती है. शरीर के तापमान का अचानक गिर जाना भी शिशु के लिए जानलेवा हो सकता है. इसे चिकित्सकीय भाषा में हाइपोथर्मिया कहा जाता है. ठंड के मौसम में नवजात को हाइपोथर्मिया का खतरा अधिक रहता है. इससे बचाव के लिए कंगारू मदर केयर एक सरल एवं प्रभावी उपाय है. इससे शिशु को गर्माहट मिलती है. साथ ही कम वजन वाले नवजात के वजन में भी बढ़ोतरी होती है. कमजोर शिशुओं की हो रही लगातार ट्रैकिंग केयर इंडिया के मानसून मोहंती ने बताया कमजोर नवजात शिशुओं की लगातार ट्रैकिंग कर कंगारू मदर केयर अपनाने के बाबत परिवार से जानकारी ली जाती है. यदि वे ऐसा नहीं कर रहे हो तो उन्हें इसके फायदे के बारे में बताया जाता है. कंगारू मदर केयर से कमजोर बच्चे का वजन बढ़ता है. उसे ठंड से बचाया जा सकता है. बच्चे के शरीर का तापमान स्थिर रहता है. माताओं को नियमित एवं सिर्फ स्तनपान के लिए प्रोत्साहित किया जाता है. इसका असर नवजात के स्वास्थ्य पर सकारात्मक रूप से पड़ता है. नाभि स्थल का सूखा रखना बेहद जरुरी होता है ताकि नवजात को किसी भी प्रकार के संक्रमण का खतरा न रहे. किसी भी प्रकार का तेल या क्रीम इत्यादि का प्रयोग नाभिस्थल पर नहीं करना चाहिए. नवजात को कम से कम सात दिनों के बाद ही नहलाना चाहिए. इसलिए जरूरी है कंगारू मदर केयर शिशु के जन्म के तुरंत बाद उनपर कई तरह के रोग हमला करते हैं. जिस तरह स्तनपान रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है उसी तरह कंगारू मदर केयर भी बच्चों में रोगों से लड़ने की क्षमता विकसित करता हे. साथ ही कंगारू मदर केयर विधि से बच्चे के शरीर का तापमान स्थिर रहता है. कंगारू मदर केयर तकनीक में मां नवजात को अपने सीने से चिपका कर रखती है. कंगारू मदर केयर पिता भी दे सकते हैं. मां या पिता कंगारू मदर केयर दे रहें हो तो अपनी छाती को अच्छी तरह साफ कर लें. छाती खुली होने से ही बच्चे तक वह तापमान पहुंच पायेगा जो उसके लिए जरूरी है.
