पर्यावरण पर बढ़ते खतरे को देखते हुए एक ओर सरकार जल जीवन हरियाली अभियान चला रही है। अनुमंडल  मुख्यालय से लेकर सुदूर गांव देहात तक पौधारोपण को लेकर अभियान चलाए जा रहे हैं। वहीं, विभागीय अधिकारियों की उदासीनता के कारण प्रतिबंधित भीम बांध आश्रयणी क्षेत्र के टेटिया बंबर वन क्षेत्रों में अवैध रूप से हरे भरे पेड़ पौधे की कटाई और पत्थर उत्खनन बरोकटोक जारी है। पेड़ की कटाई और पत्थर उत्खनन से सरकार को जहां लाखों रुपये के राजस्व की क्षति हो रही है। वहीं पर्यावरण पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। पत्थर उत्खनन के दौरान लगातार किए जा रहे विस्फोट ने वन्य जीवों का जीना भी दुशवार कर दिया है। टेटिया बंबर वन क्षेत्रों के जगह जगह जंगली इलाके में डांगरा बनार कोला विश्व बिट्टी   पतघाघर सहित अन्य जगहों से प्रतिदिन सैकड़ो हरे-भरे वृक्षों की कटाई की जाती है। इस वन क्षेत्रों से काटे गए लकड़ी को ट्रक, मैक्सी, माल ढोबा और  से गंतव्य स्थान पर ले जाया जाता है। पत्थर माफिया अवैध रूप से पत्थर उत्खनन कर रहे हैं। इन अवैध पत्थरों का उपयोग सरकारी विकास योजनाओं में भी किया जा रहा है। पूरी जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक कर सुनें पूरी खबर को।