बिहार बंद को लेकर जिला राजद की बैठक सीएबी और एनआरसी बिल के विरोध में राजद का राज्यव्यापी बिहार बंद को सफल बनाने को लेकर जिला राजद की एक बैठक आयोजित की गई ।बैठक की अध्यक्षता राजद जिला अध्यक्ष प्रमोद कुमार यादव ने किया। बैठक को संबोधित करते हुए राजद जिलाध्यक्ष प्रमोद कुमार यादव ने कहा कि धर्मनिरपेक्ष संविधान को धर्म के नाम पर बांटने की मोदी सरकार का निर्णय संविधान विरोधी है ।मोदी सरकार ने अनुचित तरीके से संविधान में नागरिक अधिकार बिल में संशोधन कर सीएबी और एनआरसी बिल लोकसभा एवं राज्यसभा में पारित करा लिया है। उन्होंने ने आरोप लगाते हुए कहा कि गृह मंत्री अमित शाह ने कोलकाता की एक जनसभा में स्पष्ट कह दिया कि एक खास समुदाय को छोड़ किसी को घबराने की आवश्यकता नहीं है।इससे स्पष्ट होता है कि धर्मनिरपेक्ष संविधान के साथ छेड़छाड़ कर धर्म में बांटने जैसा कृत्य किया गया है। जिसके परिणाम स्वरूप पूरा देश अस्थिरता की स्थिति से गुजर रहा है ।चारों ओर सीएबी और एनआरसी बिल वापस लेने को लेकर आंदोलन से अब तक देश की अरबों रुपया की संपत्ति क्षति हो चुकी है ।मोदी सरकार इस मुद्दे पर चुप्पी साध कर तमाशबीन बना हुआ है ।आंदोलनकारियों के संवैधानिक अधिकार को दबाने के लिए पुलिस तंत्र द्वारा लाठी -गोली से दबाने का प्रयास किया जा रहा है ।जिसका राजद कड़ी निंदा और विरोध करती है ।इसी के तहत राजद सुप्रीमो लालू यादव के निर्देश पर प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी यादव के नेतृत्व में आगामी 21 दिसंबर को बिहार बंद का आह्वान किया गया है। प्रदेश राजद द्वारा बिहार बंद को सफल बनाने के लिए 18 दिसंबर को जनसंपर्क अभियान ,19 दिसंबर को नुक्कड़ सभा ,20 दिसंबर को मशाल जुलूस निकाला जाएगा। बैठक में प्रदेश महासचिव पंकज यादव ,प्रधान महासचिव मंटू शर्मा ,महानगर अध्यक्ष दिनेश कुमार यादव, प्रभात कुमार पीयूष ,आदर्श कुमार राजा ,बबीता भारती, नागेश्वर प्रसाद यादव ,मंटू यादव, सुनील यादव, शिशिर कुमार लालू, रणधीर राय, देवकीनंदन सिंह ,संतोष यादव समेत दर्जनों कार्यकर्ता उपस्थित थे।
