धरहरा प्रखंड के लगभग सभी विद्यालय में अंडे का उपयोग कम कर दिया गया है और सेब का सेवन बच्चे को अत्याधिक रूप से कराया जा रहा है जबकि सरकार के द्वारा ऐसा कोई प्रावधान नहीं है जो बच्चे फल खाते हैं अर्थात शाकाहारी हैं उनको दिया जाएगा लेकिन विद्यालय प्रधानाध्यापक के द्वारा सेब का सेवन जबरन रूप से कराया जा रहा है क्योंकि अंडे का कीमत ₹7 हो गया है इसलिए अंडे को थाली से हटाया जा रहा है और सेब का उपयोग अत्याधिक रूप से कराया जा रहा है लगभग सभी विद्यालय में यही स्थिति बनी हुई है कुछ ऐसे विद्यालय हैं जहां पर अंडे का तो नाम भी नहीं है मोबाइल बानी माध्यम से अगली बार हम जानकारी देंगे किस किस विद्यालय में अंडे का सेवन बंद कर दिया गया है सस्ते रूप से अंडे और केले का उपयोग होता है इसलिए विद्यालय प्रधानाध्यापक के द्वारा अंडे को थाली से हटा दिया गया है और सेव और केले का उपयोग कराया जा रहा है प्रधानाध्यापक की बर्बरता कहा जाए तो कम ही पड़ेगा धन्यवाद
