टेटिया बंबर. वरुण कुमार यादव   महंत की लड़ाई में बीमार हो रहे भगवान  मर्यादा पुरुषोत्तम  श्री राम की जन्मभूमि अयोध्या में श्री राम का भव्य मंदिर बनाने के लिए पहल की जा रही है वही टेटिया बंबर प्रखंड के बंनगामा पंचायत के अंतर्गत बिचछी चाचर  गांव स्थित रामजानकी ठाकुरबाड़ी मैं दो महंतों की बीच चल रही लड़ाई के कारण भगवान के सेहत बिगड़ने  लगी है जी हां रामजानकी ठाकुरबाड़ी के विराजमान ठाकुरजी की सेवा और मंदिर के विकास के लिए हवेली खड़गपुर प्रखंड के राजगंज गांव निवासी मन के साहू ने वर्ष 1960 में 32 बीघा जमीन दान में दिया था । जमीन देने के पीछे भूस्वामी की मंशा थी ठाकुर जी को नियमित भोग लगता रहे और मंदिर का समुचित विकास भी हो लेकिन मंदिर को मिली जमीन ठाकुर जी के लिए मुसीबत बन गई इस जमीन को लेकर रामजानकी ठाकुरबाड़ी राजगंज के महान महंत नारायण दास और बिचछी चाचर के महंत सुधीर दास के बीच विवाद शुरू हो गया वर्ष 1994 में मंदिर की 16 बीघा जमीन गांव के दर्जन लोगों के हाथ भेज दी गई इसके बाद मंदिर की जमीन पर कब्जा जमाने के लिए खूनी खेल भी शुरू हो गया जमीन विवाद में वर्ष 1996 में महंत नारायण दास की हत्या हो गई वही 2002 में महंत सुधीर दास भाई सुनील यादव की हत्या हो गई इसके बाद मामला धार्मिक न्यास बोर्ड पटना और सिविल न्यायालय तक पहुंचा लेकिन दोनों जगह पर मामला अभी भी लंबित बनी हुई है इधर महंत के बीच चल रही लड़ाई के कारण एक और जहां मंदिर में ठाकुर जी को भोग लगना बंद हो गया वहीं मंदिर जीर्ण शीर्ण हो गया है ग्रामीणों ने कहा कि दुनिया भर के गरीबों को देखने वाले ठाकुर जी की स्थिति खुद धन्य हो गई मंदिर में ठाकुर जी की क्षतिग्रस्त प्रतिमा सारी कहानियां बयां कर देती है मंदिर की जमीन परती पड़ी हुई है तो मंदिर उजाड़ सा हो गया है सचमुच लगता है कि धन धान की पिपासा ने मानव की मानवता का स्तंभन कर उसके अंदर दानव को जला दिया है यही कारण है कि आज भगवान भी सुरक्षित नहीं है