बिहार राज्य के मुंगेर जिला से रोहित कुमार जी ने मोबाईल वाणी के माध्यम से जानकारी देते हुए बताया कि सुबे की सरकार सुबे में हो रहे विकास का ढिंढोरा पीटते फिर रही है. अधिकारी अपने अपने स्तर से अपने कार्य क्षेत्र का विकास का शत-प्रतिशत कार्य करने का वादा करते फिर रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और बयां करती नजर आ रही है। परंतु प्रशासनिक उदासीनता के कारण मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना हर घर नल पक्की सड़क अपनी कागजी बनकर रह गई है जी हां सूखे के दिनों तो ग्रामीण सड़कें हंसते खेलते नजर आते हैं ,जिससे सड़क की बदहाली छुप जाती है। लेकिन जैसे ही बरसात का दिन आता है तो सड़क अपनी बदहाली पर आंसू बहाने को विवश हो जाते हैं. ऐसा ही कुछ नजारा प्रखंड क्षेत्र के झिकली पंचायत के अंतर्गत रतनपुरा गांव में देखा जा रहा है, बताते चलें कि इस गांव की आबादी लगभग 12 साल है लेकिन गांव में प्रवेश करने वाले मुख्य सड़कें कीचड़ और दलदल के नीचे दबी जा रही है। गांव के लोग जो इस कीचड़ को पार कर अपने रोजमर्रा की जरूरत पूरी कर रहे हैं। लेकिन स्कूली बच्चे तो मजबूर है क्या करें जाना ही है। लेकिन सवाल यह है कि प्रधानमंत्री स्वच्छ भारत और स्वस्थ भारत के ग्रामीण मंडल समस्या से निजात पाने के लिए स्थानीय विधायक पंचायत के मुखिया को एक बार नहीं कई बार अवगत कराने के प्रधानाध्यापक जयप्रकाश राम ने बताया कि बरसात के दिनों में स्कूली बच्चे को आने-जाने एवं शिक्षकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
