विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला में पैदल चल रहे काँवरिया के सेवा कर पुण्य कमाने की एक पुरानी परंपरा है कहा जाता है कि बाबा भोलेनाथ को जलाभिषेक करने जा रहे पैदल कांवरियों की सेवा करने का उतना ही फल मिलता है जितना ही पैदल चल रहे काँवरिया को मिलता है। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक कर सुनें पूरी खबर को।
