विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला पूरी तरह से अपने रंग में रंग चुका है कमरिया पैदल पथ में संग्रामपुर क्षेत्र के अंतर्गत पड़ने वाले 12 किलोमीटर की सीमा पर सैकड़ों जगह निजी दुकानों के द्वारा एवं मनिया सरकारी धर्मशाला के बाहर मोटर से सीधे झरना लगाकर 24 घंटे जल की बर्बादी की जा रही है जबकि गिरते जलस्तर के कारण कमरिया पैदल पथ के अधिकतर चापाकल पूरी क्षमता के हिसाब से पानी देने में असमर्थ है यह बहुत चापाकल दम तोड़ती नजर आ रही है इस बार जिला प्रशासन के द्वारा मेला शुरू होने की घोषणा की गई थी कि बिना नल के कोई पानी का झरना मार्ग में नहीं लगाएगा लेकिन जिला प्रशासन के इस घोषणा को ताक पर रखकर के आदेश आदेश का उल्लंघन किया जा रहा है बताते चले कि पूरी होने के बाद गति से जल्दी कर रही है समस्या लेकर यात्रा की जा रही है यही कहा जा खुद इस बात का अनुभव कर रहे हैं कि एक तरफ को बर्बाद किया जा रहा है और एक तरफ चापाकल और पेयजल की समस्या पर यह भी बताया कि अगर वही चल कमरिया कमरिया को पैदल चलने में काफी सुविधा होगी अधिकारी से बात की गई तो उन्होंने बताया कि मेरी तरफ से सभी दुकानें इस बात की जानकारी दे दी गई है आवश्यकता नहीं रहने पर दुकानदार को बंद कर दें जबकि झरने में लगाने की बात का वह कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दे पाए और तरह से पूरी कमरिया पैदल पानी का दुरुपयोग किया जा रहा है मुंगेर की आवाज से में रोहित कुमार धन्यवाद