बिहार के जिला मुंगेर से विपिन कुमार मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि अत्याधिक वर्षा और नेपाल से बेहिसाब पानी आ जाने से बिहार इन दिनों भयंकर बाढ़ की चपेट में है। कमोबेश हर साल यही स्थिति होती है। जिसमें जानमाल की भारी क्षति होती है।बाढ़ पीड़ितों को हर साल बाढ़ के बाद नए सिरे से जीवन शुरू करना पड़ता है। दुर्भाग्य से आजादी के साथ दशकों के बाद भी नदियों की हालात बहुत ही नाजुक है। या तो वे सूखी पड़ी है या फिर अति परी है ,जिससे वर्षा के पानी को वह संभाल ही नहीं पाती है।इसलिए उचित समय पर इनसे गार्ड की साफ-सफाई और खुदाई जरूरी है। इसके साथ-साथ कुछ नए तालाब और नहरों को भी तैयार किए जाने की भी जरूरत है।ताकि नदियों का रुख दूसरे सूखाग्रस्त राज्यों की ओर मोड़ा जा सके।उम्मीद है कि नवगठित जल शक्ति मंत्रालय इस दिशा में व्यापक पारदर्शी योजना के साथ उचित कार्रवाई करेगा यह समझना होगा कि देश में काम की कोई कमी नहीं है कमी है तो सिर्फ नीति और नियत की।