बिहार राज्य के जिला मुंगेर से विपिन कुमार मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे है कि विदेशों की सड़कें ना जाने क्यों हमें खूब लुभाती हैं, हमारा देश विकसित राष्ट्र बनने की तरफ तेजी से बढ़ता रहा है। मगर क्या हम तरक्की के रास्तों के लिए वाकई तैयार हैं। दुनिया के मुकाबले पिछड़ने की वजह है ,हमारी सोच और शिक्षा तो नहीं ...?जिस मुल्क में आजादी के साथ दशकों के बाद भी शौचालय के इस्तेमाल पर ज्ञान की घुट्टी पिलाई जाए वहाँ के रास्तों की कीमत समझने में वर्षों लग जाएँ तो कोई आश्चर्य की बात नहीं है।विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक कर सुनें पूरी खबर को।