राज्य बिहार के जिला मुंगेर से रंजीत कुमार ठाकुरजी मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे है कि नौवागढ़ी उत्तरी पंचायत में स्थित एवं नौवागढ़ी बाजार क्षेत्र का एकमात्र स्वास्थ्य केंद्र ,चड़ौन हमेशा बंद ही नजर आता है। यहां स्वास्थ्य विभाग का कोई भी कर्मचारी नजर नहीं आते है । यहां किस डॉक्टर की नियुक्ति है कोई बताने वाला नहीं है। इसके साथ-साथ यह स्वास्थ्य केंद्र , स्वास्थ्य केंद्र की जगह भैंस का तबेला बनकर रह गया है । यहां ना तो घेराबंदी है और ना ही साफ-सफाई। यहां तो केवल जहां तहां ट्रैक्टर खड़े रहते हैं और पशु बँधा हुआ दिखाई देता है । आसपास के लोगों ने भी कहा कि, यह स्वास्थ्य केंद्र प्रायः बंद ही रहता है।इसकी चाबी किसी स्थानीय को दे दिया गया है जो ताला खोलकर यहां सोता है । इसके अतिरिक्त लोगों ने स्वास्थ्य उपकेंद्र के जमीन का अतिक्रमण भी कर लिया है । पूछे जाने पर लोगों ने कहा कि, इसकी बदहाली के संबंध में स्वास्थ विभाग को पूरी जानकारी है ,पर किसी का भी इसके समुचित विकास की ओर ध्यान नहीं है।जबकि ,यदि सही ढंग से इस का विकास किया जाए तो, इस स्वास्थ्य उपकेंद्र के पास अपना इतना जगह है कि, यह क्षेत्र के लिए स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से वरदान साबित हो सकता है ।
