बिहार के जिला मुंगेर से विपिन कुमार जी मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि राजनीतिक विरोध और राष्ट-विरोध के अंतर को समझने की जरूरत है। पुलवामा आतंकी हमले में वीर जवानो की राख अभी ठंडी भी नहीं हुई है कि राजनितिक फायदे के लिए सियासी पार्टियां एक दूसरे पर आरोप लगाने भी लगे है। हमले के बाद देश में नफरत सा माहौल बन गया है। पुलवामा की घटना पुरेस देश को झखझोर कर रख दिया है। यह आक्रोश यही नहीं थमने वाला है।हमारे देश के कुछ ऐसे भी लोग है जो इस अग्नि में घी डालने का कमा कर रहे है। भारत की जनता आज उन वीर सपूतों के साथ कदम कदम से मिला कर कड़ी है जिनकी बदौलत आज हम अपने आप को सुरक्षित महसूस करते है। शहीदो के बलिदान को हम भूल नहीं सकते। आतंकवाद का साथ देने वालो को सबक सीखना होगा और यह दिखाना होगा की हम शान्ति के पुजारी है।