बिहार राज्य के मुंगेर जिले से शुभम कुमार जी ने मुंगेर की आवाज के माध्यम से गुलाब झा जी से बातचीत की। बातचीत के दौरान गुलाब झा जी ने बताया कि वो खेती करते हैं, और लल्लन छुट्टन नाट्य कथा उनको अच्छा लगा और इसके द्वारा फसल बीमा के बारे में जानकारी मिली।गुलाब झा जी ने बताया कि बहुत से किसानो को अपनी जमीन तो है पर खाता और रकबा की जानकारी नहीं है बस पुस्तैनी जमीन में खेती किये जा रहे है। कहने का मतलब यह है कि खेत का कागजात पुरी तरह ना होने के कारण उनको फसल बीमा का लाभ उठाने में परेशानी हो रही है।इस परेशानी से निपटने के लिए बीमा के प्रक्रिया को आसान बनाना चाहिए साथ ही और हर क्षेत्र में बीमा सलाहकार बनवाये जो जमीनी स्तर से जाँच करे और छोटे किसानो का कागजात को लेकर उनका बीमा करवा दे।