बिहार राज्य के मुंगेर जिले से दीपक कुमार जी ने मुंगेर की आवाज के माध्यम से जानकारी देते हुये बताया कि केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक संविधान (103वां संशोधन) अधिनियम के जरिये संविधान के अनुच्छेद 15 और 16 में संशोधन किया गया है. इसके जरिये एक प्रावधान जोड़ा गया है, जो सरकार को 'नागरिकों के आर्थिक रूप से कमजोर किसी तबके की तरक्की के लिए विशेष प्रावधान करने की अनुमति देता है.आरक्षण पाने के लिए सरकार ने कुछ मानदंड तय किए हैं. इन मानदंड को फॉलो करने वाले आर्थिक रूप से कमजोर सवर्णों को आरक्षणका लाभ मिल पाएगा. ये मानदंड हैं- >> सालाना आय 8 लाख रुपये से कम >> खेती योग्य जमीन 5 हेक्टेयर से कम हो >> आवासीय घर 1000 स्क्वॉयर फुट से कम >> नगरपालिका द्वारा नोटिफाइड अधिसूचित क्षेत्र में प्लॉट 109 यार्ड से क >> नगरपालिका एरिया में नॉन नॉटिफाइड आवासीय प्लॉट 209 यार्ड से कम होनी चाहिए. आरक्षण के लिए जरूरी होंगे ये डॉक्यूमेंट- इस आरक्षण का फायदा उठाने के लिए सवर्ण जाति के लोगों को ये कागजात दिखाने होंगे. >> आरक्षण का लाभ उठाने के लिए आपको आय प्रमाण पत्र दिखाना होगा>> जाति प्रमाण पत्र >>बीपीएल कार्ड :-आरक्षण का लाभ उठाने के लिए जरूरी है कि आप इस बात को भी साबित करें कि आपक सवर्णों में भी पिछड़े हुए हैं. ऐसे में अगर बीपीएल कार्ड है तो आपके लिए यह कार्ड बेहतर साबित हो सकता है. >>इनकम टैक्स रिटर्न : सवर्णों को आरक्षण का लाभ उठाना है तो इनकम टैक्स रिटर्न के कागजात अपने साथ रखने होंगे. फॉर्म 16 के जरिए आप इस बात का प्रमाण दे सकते हैं कि आपकी आय आठ लाख रुपये से कम है और आप आरक्षण के दायरे में आते हैं. >> आधार कार्ड, बैंक और पास बुक भी दिखाना जरूरी होगा
