बिहार राज्य के जिला मुंगेर से विपिन कुमार जी मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे है कि बेटी बचाओ बेटी पढाओ जैसे नारों से बेटियां पढ तो रही हैं। पिछले कुछ दशकों से बेटियों का शिक्षा का स्तर उठता ही जा रहा है। यह निश्चय ही गर्व की बात है। लेकिन तस्वीर का एक दूसरा पहलु भी है जो हमे शर्मसार करता नजर आ रहा है।उनके साथ दुर्व्यव्यहार की वारदातों में भी तेजी से वृद्धि हो रही है। बेटी बचाओ बेटी पढाओ जैसे नारों से बेटियां पढ तो रही हैं लेकिन वो खुद को बचाने में असमर्थ महसूस क्र रही है।इसका फायदा वो लोग उठा रहे है जो उनके साथ दुर्व्यव्यहार कर रहे है। इसलिए बेटियों को शिक्षा के साथ साथ सशक्त बनाने की भी आवश्यकता होनी चाहिए।इसलिए उन्हें ऐसा शारीरिक प्रशिक्षण दिया जाए जिससे वे दुराचारीयो से निपट सके।
