बिहार राज्य के मुंगेर जिला से, विपिन कुमार जी मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे है, कि निजी स्कूलों में शिक्षा के नाम पर व्यवसाय किया जा रहा है। एक तरफ जहाँ सरकार शिक्षा के प्रति प्रचार-प्रसार पर काफी जोर दिया जा रहा है तो दूसरी तरफ निजी स्कूलों में पाठ्य पुस्तके, स्कूल ड्रेस,लेखन सामग्रियां एवं आदि वस्तुए महंगी दरों पर बेचीं जा रही है । निजी स्कूलों में गरीब विद्यार्थियों को मुफ्त शिक्षा और इससे जुड़े अन्य सामग्रियां उपलब्ध कराने का आदेश केंद्र और राज्य सरकार ने दे रखा है। इसके बावजूद स्कूल प्रशासन इस खर्च को सामान्य श्रेणी के बच्चों पर डाल रहा है।
