बिहार के मुंगेर शहर से विपिन कुमार जी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि उन्होंने "घरेलु हिंसा" से सम्बंधित कुछ सवाल सुनीता देवी से पूछा।सवाल का जवाब देते हुए सुनीता जी ने बताया कि गाँव में साधारणतः यह देखा जाता है कि कहीं सास अच्छी होती है तो कहीं बहु। दोनों का आपस में नही बनता है।बहू अगर समझदार होती है,समझौता कर के परिवार के साथ रहती है तो ,उस पर ससुराल वालों का अतिरिक्त दबाव डाला जाता है।मजबूर हो कर महिलाएं जब अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाती है, तो उसे समाज में बुरा कहा जाता है।समाज के लोगों को महिलाओं की मजबूरी समझनी चाहिए तथा उन्हें सम्मान की नजरों से देखना चाहिए।जैसे बेटी को प्यार से रखा जाता है ,वैसे ही बहू को भी प्यार और सम्मान से रखना चाहिए।जब सुनीता जी से पूछा गया कि ,समाज में महिलाओं के साथ हो रहे हिंसा को कैसे रोका जा सकता है तो इसके जवाब में सुनीता जी ने कहा कि महिलाओं को शिक्षित होना चाहिए।साथ ही आस-पास महिला पे अत्याचार होता दिखे, तो प्रताड़ित महिला का साथ देना चाहिए। महिलाएं एक दूसरे का मदद करेंगी ,तभी महिला उत्पीड़न से महिलाओं को छुटकारा मिल पायेगा।