विपिन कुमार जी जिला मुंगेर से मोबाइल वाणी के माध्यम से बताते हैं कि मई महीने के दूसरे सप्ताह में मदर डे मानते हैं ,विपिन जी बताते हैं कि इस दिन के माध्यम से हमें यह समझना होगा कि एक माँ हमारे लिए कितना खास है क्योकि जिनके पास माँ है उन को माँ की कद्र नहीं होती और जिनके पास माँ नहीं हैं ,उसे माँ शब्द का अर्थ ही नहीं पता होता है। माँ अपने अंदर सारे दुःख-दर्द समा कर रख सकती हैं। ऐसा देखा गया है कि जहाँ परिवार में भोजन करने के लिए सिर्फ तीन रोटी है और लोग तीन से ज्यादा तो ऐसे में माँ ही अपने हिस्से की रोटी परिवार के दूसरे व्यक्ति को दे देती है और वो माँ ही है जो बड़ा से बड़ा कष्ट झेल लेती है साथ ही दूसरे पर आये छोटी सी कष्ट भी सहन नहीं कर सकती ।
