पंचायत चुनाव को लेकर पंचायतो मे वढी सरगर्मी ।संभावित प्रतयासी लगा रहे है मतदाताओ का चक्कर ।

भाजपा की परसा पूर्वी मंडल कार्यकर्ताओं की बैठक सम्पन्न हुई। इस बैठक में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव पर चर्चा की गयी। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर। 

बिहार राज्य के मुजफ्फरपुर जिला के मोतीपुर प्रखंड के जसौली पंचायत से मोबाइल वाणी संवाददाता जुल्फिकार ने सामजिक कार्यकर्ता अपरेश कुमार से साक्षात्कार लिया जिसमें उन्होंने जानकारी दी कि हमारा मुखिया ऐसा होना चाहिए जो गरीबों की समस्याओं का निदान करें। आज के समय में यह बहुत ही आम बात हो गयी है की प्रत्याशी चुनाव के पुर्व जनता को प्रलोभन दे कर मुखिया पद पर आसीन हो जाते हैं। लेकिन चुनाव के बाद जनता से उनका कोई रिश्ता नहीं रह जाता है। मुखिया का यह कर्त्वय होना चाहिए की वो जनता तक सभी योजनाओं का लाभ पहुँचाये। हर योजना में बिचौलियें अपना हाथ सेंकने को तैयार रहते हैं। सबसे पहले इस समस्या को खत्म करने का प्रयास करना चाहिए। जिससे आम जनता ठगी के शिकार ना हो कोई उनका शोषण ना करें। इसके साथ ही उन्होंने जानकरी दी कि वर्तमान मुखिया के द्वारा इन पाँच सालों में एक बार भी ग्राम सभा का आयोजन नहीं किया गया है।गाँव की समस्या के समाधान के लिए मुखिया से कभी सम्पर्क ही नहीं हो पाता है। यहाँ जो भी थोड़े बहुत कार्य होते हैं वो सामाजिक कार्यकर्ताओं के द्वारा ही हो पाता है। मुखिया जीत के बाद बस अपना खजाना भरने में ध्यान देते हैं। इसलिए हम जनता को जागरूक करने का प्रयास कर रहे हैं कि किसी भी प्रलोभन में अपना वोट ऐसे व्यक्ति को ना दें,जो इस पद के काबिल नहीं है। मुखिया पद के लिए ऐसे व्यक्ति का चयन करें जो गरीबों के बीच का हो और गरीबों की परिशानियों से उसे फर्क पड़ता हो

बिहार राज्य के मुजफ्फरपुर जिला के मोतीपुर प्रखंड के पकड़ी पंचायत से मोबाइल वाणी संवाददाता राजेश ने संजय राम से साक्षात्कार लिया जिसमें उन्होंने कहा कि इस बार के पंचायत चुनाव में मेरी पत्नी मुखिया पद के लिए चुनाव लड़ेगी। अगर जनता का सहयोग प्राप्त हुआ तो जीत के बाद पंचायत के विकास के लिए जरूर कार्य किये जायेंगे।पंचायत के हर व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुँचाने का प्रयास किया जायेगा। इसके साथ ही उन्होंने जानकारी दी कि वर्तमान मुखिया के द्वारा कोई विकास कार्य नहीं किये गए हैं

सोनपुर विधानसभा अंतर्गत सोनपुर सदर भाजपा सदर पूर्वी मंडल के अंतर्गत भरपुरा के पूर्व मुखिया संजय सिंह के आवास पर शनिवार को भाजपा पूर्वी मंडल के अध्यक्ष शिव वचन सिंह के अध्यक्षता में आगामी त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में भाजपा के भागीदारी पंचायत चुनाव में सुनिश्चित हो इसको लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक की ।विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।   

मेरा मुखिया कैसा हो ? विषय पर नेहरु युवा केंद्र संगठन से राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित तुबा हया खान से छिंदवाड़ा मोबाइलवाणी पर विशेष बातचीत

बिहार राज्य के सारण जिले के दिघवारा प्रखंड से सरजील अहमद खान,विनय कुमार से साक्षात्कार लिए जिसमे वे बता रहे हैं की ग्राम सभा होने वाले कार्यों के बारे में नहीं जानते हैं राय भी नहीं ली जाती है। वे अपनी बात पंचायत के साथ साझा करते हैं पर उनकी बात को वहां अनसुना कर दिया जाता है। जो काम होना चाहिए वो नहीं हो पाता है। पंचायत चुनाव में वे ऐसा मुखिया चुनना चाहते हैं जो पढ़ा-लिखा हो,ईमानदार हो और लोगो की समस्या को सुने। इस खबर को सुनने के लिए ऑडियो पर क्लिक करें। 

बिहार राज्य के सारण जिले के दिघवारा प्रखंड से मोबाइल वाणी संवाददाता सर्जिल अहमद ने जय प्रकाश से साक्षात्कार लिया जिसमें उन्होंने जानकारी दी कि हमारे पंचायत में ग्राम सभा का आयोजन होता है।लेकिन इसकी कोई जानकारी हमें नहीं होती है। ग्राम सभा में बनने वाली योजनाओं के बारे में भी ग्रामीणों को कोई जानकारी नहीं दी जाती है। पंचायत में होने वाली समस्याओं के बारे में यहाँ कोई सुनवाई नहीं होती हैं।इसके साथ ही उन्होंने बताया कि मुखिया ऐसा हो जिसका कोई आपराधिक रिकॉर्ड ना रहा हो। मुखिया का पद जिम्मेदारियों से भरा है।इसलिए मुखिया को निष्पक्ष और विकास कार्य करने वाला होना चाहिए।

देश में तमाम अस्थिरताओं के बाद भी चुनाव की प्रक्रिया जारी है. हाल ही में हमनें बिहार चुनाव देखे हैं. पश्चिम बंगाल में भी चुनाव की तैयारियां हैं पर इन सबमें खास है पंचायत चुनाव. जो बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश में होने वाले हैं. पंचायत चुनाव इस बार इसलिए भी खास है क्योंकि कोरोना काल में बहुत से ग्रामीण वापिस अपने गांव पहुंचे हैं. उनके सामने राशन, रोजगार, सामाजिक सुरक्षा और अधिकार के मसले हैं. इसलिए जनता अपने मुखिया का चुनाव बहुत सोच समझकर करना चाहती है. आगामी पंचायत चुनाव और मुखिया के लिए ग्रामीण जनता के क्या विचार हैं? आइए जानते हैं...

क्या आप राजनीति को अपने जीवन अभिलाषा के रूप में देखते हैं? क्या आप राजनीति को संविधानिक मूल्यों से जोड़कर देखते हैं? क्या आप राजनीति से समावेशी बदलाव लाना चाहते हैं? क्या आप चुनावी राजनीति की दिशा और दशा बदलना चाहते हैं? क्या आप पंचायती चुनाव में भागीदारी करना चाहते हैं और पैसों की बजाय मुद्दों पर जीतना चाहते हैं? इन सवालों के जबाब देने के लिए अभी दबाएं अपने फ़ोन में नंबर 3 का बटन ।