संकल्प यात्रा के दौरान किसानों को दिया जा रहा ड्रोन से तरल उर्वरक एवं कीटनाशक छिड़काव का डेमो कलेक्टर श्री पुष्प की उपस्थिति में ग्राम पिंडरईकला में कृषक के खेत में हुआ ड्रोन का प्रदर्शन ====================================================== शासन के निर्देशानुसार कलेक्टर श्री मनोज पुष्प के मार्गदर्शन में जिले में विकसित भारत संकल्प यात्रा का आयोजन किया जा रहा है, जो 26 जनवरी 2024 तक जारी रहेगी। संकल्प यात्रा के दौरान रूट चार्ट के अनुसार प्रतिदिन सभी विकासखंडों के निर्धारित ग्रामों में शिविरों का आयोजन कर आमजन को लाभान्वित किया जा रहा है। संकल्प यात्रा के दौरान ग्रामीणों और कृषकों को उन्नत तकनीकीयुक्त आधुनिक कृषि यंत्र ड्रोन से परिचित कराने और उसके उपयोग के लिए प्रेरित करने हेतु जिले में दो ड्रोन भेजे गए हैं, जिनका किसानों के खेतों में प्रदर्शन भी जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में कृषि विभाग एवं कृषि अभियान्त्रिकी विभाग के माध्यम से किया जा रहा है। विकसित भारत संकल्प यात्रा के दौरान आज विकासखंड छिंदवाड़ा की ग्राम पंचायत पिंडरईकला में कलेक्टर श्री मनोज पुष्प की विशेष उपस्थिति में कृषक श्री दिनेश पटेल के खेत में आधुनिक कृषि यंत्र ड्रोन के माध्यम से तरल उर्वरक नैनो यूरिया के छिड़काव का प्रदर्शन कृषि विभाग एवं कृषि अभियान्त्रिकी विभाग के माध्यम से किया गया। इस दौरान जिला आपदा प्रबंधन समिति के सदस्य श्री विवेक साहू, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री पार्थ जैसवाल, एसडीएम श्री सुधीर जैन, श्री गजेन्द्र अल्डक, श्री दिनेशकांत मालवीय व अन्य जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और किसानों ने उत्साहित होकर ड्रोन के प्रदर्शन को देखा। उप संचालक कृषि श्री जितेन्द्र कुमार सिंह ने बताया कि विकसित भारत संकल्प यात्रा के दौरान किसानों को ड्रोन तकनीक से अवगत कराया जा रहा है जिसमें ड्रोन की कीमत से लेकर फायदों के बारे में भी जानकारी दी जा रही है। अत्याधुनिक ड्रोन की कीमत लगभग 9 लाख 24 हजार रुपए है। इसमें सामान्य वर्ग के कृषकों को 40 प्रतिशत और अनुसूचित जाति, जनजाति, लघु व सीमांत किसान, महिला किसान को 50 प्रतिशत सब्सिडी दी जा रही है तथा किसान लगभग 4 से 5 लाख रुपये की छूट पर ड्रोन खरीद सकता है। ड्रोन से 10 मिनिट में लगभग एक एकड़ जमीन पर आसानी से छिड़काव किया जा सकता है। ड्रोन को ऑटोमैटिक ऑपरेट किया जाता है। ड्रोन से दवाई के स्प्रे से इल्ली सहित अन्य कीट भी पौधे से नीचे गिर जाते हैं ।