देवउठनी एकादशी पर काकड़ आरती में सैकड़ो की संख्या में उमड़ा जन सैलाब तीर्थ क्षेत्र रामाकोना बना आकर्षण का केंद्र रामाकोना :- संतो की नगरी पैठण तुल्य श्री तीर्थ क्षेत्र रामाकोना में कार्तिक मास के पावन असवर पर विगत दिनों से काकड़ आरती प्रारंभ है,यह काकड़ आरती का प्रारंभ परम्परानुसार शरदपूर्णिमा के दूसरे दिन से होता है, प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी कार्तिक मास की देवउठनी एकादशी के अवसर पर काकड़ आरती को भव्य स्वरूप दिया गया। वारकरी सम्प्रदाय से जुड़े हुए बुजुर्ग बताते है कि ग्राम रामाकोना में कन्हान नदी एकनाथ षष्टि महोत्सव को प्रारंभ करने वाले संत हिरामन वाताजी महाराज द्वारा इस काकड़ आरती की शुरुआत की गई इसे लगभग 365 वर्षों से किया जा रहा है। प्रातः 5 बजे ग्राम के बुजुर्ग, युवा, महिलाएं, बालिकाऐ काकड़ आरती में शामिल होने के लिए विट्ठल मंदिर में आते है। विट्ठल मंदिर में भजन मंडलीया उपस्थित होती है, पकवाद, झांज, मंजीरों एवं झंडियो के साथ काकड़ आरती नगर भ्रमण करते हुए सर्वप्रथम संत लीलामृत घाट में गंगा जैसी पवित्र कन्हान नदी के दर्शन करती है ततपश्चात एकनाथ महाराज मंदिर, हनुमान मंदिर, साई मंदिर, माता माँ मंदिर के दर्शन करते है। प्रत्येक मंदिर में सामुहिक काकड़ा जलाकर काकड़ आरती करते है। इसके पश्यात काकड़ आरती भजन मंडलीयो के साथ नगर भ्रमण करते हुए विट्ठल मंदिर पहुँचती है जहाँ उपस्थित महिलाओं, बालिकाओं द्वारा भजनमंडलियों का स्वागत किया जाता है। पुनः विट्ठल मंदिर में सामुहिक काकड़ आरती की जाती है। देवउठनी एकादशी के अवसर पर यह काकड़ आरती में सैकड़ो की संख्या में ग्रामीण उपस्थित होकर अपनी उपस्थिति दर्ज करते है। काकड आरती के मे विट्ठल रुखमनी बाल हरिपाठ भजन मंडल ने भगवान विट्ठल की जीवित चलित झांकी निकाली जिसने भी काकड आरती के साथ पुरे ग्राम का भ्रमण किया जगह-जगह चलित झांकी में बने भगवान विट्ठल ने भी सबका मन मोह लिया। चलित झांकी मे कृणाल पातुरकर ने निभाई है आकर्षण का केंद्र रही गुरु-शिष्य की रंगोली देवउठनी एकादशी के एक दिवस पूर्व विठ्ठल मंदिर को दुल्हन की तरह सजाया गया तो वही ग्राम के डॉक्टर चौहान की पुत्री कुमारी पूजा चौहान द्वारा अपनी कला का प्रदर्शन करने हुए सुंदर सी तुकाराम महाराज का चरण स्पर्श करते छात्रपति शिवाजी महाराज की रंगोली बनाई गई जो आकर्षण का केंद्र रही। मंदिर में आने वाला हर महिला, बालिका, युवा रंगोली को देखता एवं अपने मोबाईल में उसे कैद करते हुए मिला। दुल्हन की तरह सजाया गया विठ्ठलरूखमणी का मंदिर श्री तीर्थ क्षेत्र रामाकोना का विट्ठल मंदिर देवउठनी एकादशी के एक दिवस पूर्व षटवा माता मंदिर समिति द्वारा रात में जागकर फूलों,गुब्बारे से सजाया जाता है जो आकर्षण का केंद्र बना हुआ रहता है। दुर्गा कॉलोनी माता मंदिर से भी निकलती है काकड़ आरती ग्राम के वार्ड क्रमांक 17 में दुर्गा कॉलोनी में स्थित दुर्गा माता मंदिर से भी देवरावजी रुंघे के नेतृत्व में काकड़ आरती निकलती है, जगह जगह चाय, कॉफी, दूध, एवं नास्ते की व्यवस्था देवउठनी एकादशी का अधिकतर लोगों को उपवास होता है इसको ध्यान में रखते हुए काकड़ आरती में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं के लिए संत लीलामृत घाट में कन्हान नदी महोत्सव समिति द्वारा चाय की व्यवस्था,नाग मंदिर में समिति द्वारा चाय की व्यवस्था, रोजाना दुर्गा कॉलोनी में दुर्गा माता मंदिर में होती है नास्ते की व्यवस्था तो विठ्ठल मंदिर में भी साबूदाना, केले, चाय, दूध की व्यवस्था युवाओ एवं धार्मिक संगठनो द्वारा की जाती है। जनप्रतिनिधियों ने भी पहुँचकर दी अपनी उपस्थिति और की आरती इस वर्ष सैकड़ो संख्या में काकड़ आरती में भक्तगण पहुचे हुए थे और इस क्षेत्र के जनपद पंचायत सदस्य डॉ गुलाब राव पांडे,उपसरपंच संतोष चौधरी , पंचगण पूर्व जनपद पंचायत सदस्य एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने पहुंचकर काकड़ आरती में शामिल होकर आरती की गई। संत लीलामृत घाट एवं नाग मंदिर रहे आकर्षण का केंद्र देवउठनी एकादशी के पावन पर्व पर काकड़ आरती में आने वाले भक्तों के स्वागत के लिए मंदिर को आकर्षक सजाया गया था जैसे ही संत लीलामृत घाट में काकड़ आरती पहुँची एक पल के लिए ऐसा अहसाह होने लगा कि पंढरपुर की वारी में सभी शामिल हुए वही नागमन्दिर में भी सैकड़ो की संख्या में श्रद्धालु पहुँचे जिससे मंदिर में आकर्षण बना रहा। *इनका रहा विशेष योगदान* कार्तिकमास में रोजाना चल रही काकड़ आरती में विट्ठल मंदिर भजन मंडल, विट्ठल रुखमनी बाल हरिपाठ भजन मंडल, सठवा माता मंदिर समिति श्री एकनाथ षष्ठी कन्हान नदी महोत्सव समिति का विशेष योगदान, वैसे ही चाय नाश्ता बनाने वाले वासुदेव गुर्वे तथा विशेष तौर पर काकड़ आरती जाने वाले मार्ग सफाई करने के लिए ग्राम पंचायत रामाकोना का विशेष योगदान रहता है।