देशहित में क्या क्या दांव पर दुनिया भर में काम के घंटे घटाए जाने की मांग बढ़ती जा रही है इस दूसरी तरफ भारत काम के घंटे को बढ़ाए जाने की सलाह दी जा रही है भारत में ज्यादातर संस्थाएं 6 दिन काम के आधार पर चलते हैं जिसमें औसतन 8 से 9 घंटे काम होता है उसे हिसाब से यहां औसतन 45 घंटे काम किया जाता है जबकि दुनिया की बाकी देशों में काम के घंटे कम है। आज हमारे साथ सिविल सर्विसेज ट्यूटोरियल के संचालक एवं एडॅ मधुकर गायकवाड़ सर के साथ मोबाइलवाणी पर विशेष बातचीत कर जानकारी साझा की।
