नागरिकों को राजनीतिक दलों के चंदे का स्रोत जानने का अधिकार नहीं है । सरकार की तरफ से पेश हुए उनके वकील यानी सॉलिसिस्टर जनरल आर रमन्नी ने यह बात सुप्रीम कोर्ट में कही है। सवाल उठता है कि जब सब कुछ ठीक है, तो फिर चंदे से जुड़ी जानकारी जनता से साझा करने में दिक्कत क्या है? राजनीतिक शुभचिंतक और भ्रष्टाचार पर वार करने वाले राजनीतिक दल की सरकार अगर कहे कि वह जनता को नहीं बता सकती कि उनकी पार्टी को चंदा देने वाले लोग कौन हैं?आज हमारे साथ युथ आॅफ सौंसर संघटन के उपाध्यक्ष गोपाल कोठे सर ने मोबाइलवाणी पर विशेष बातचीत कर जानकारी साझा की।
