चुनाव का माहौल देखकर जनता भी उत्साहित हैं, कि वह एक बार फिर उसके हितों के लिए काम करने वाली सरकार का चुनाव करेंगी। जनता उत्साहित भले ही हो कि उसके लिए काम करने वाली सरकार का चुनाव हो रहा है। लेकिन इसमें उनकी भागीदारी नहीं के बराबर हैं। अगर भागीदार होती तो राजनीतिक दल उनकी पसंद के उम्मीदवारों को मैदान में उतारते हैं इसमे जनता की भागीदारी कहा- महान राजनीति डाॅ. राममनोहर लोहिया कहते थे कि जिन्दा कौम पांच साल का इंतजार नही करती । आज हमारे साथ गांधी व लोहीयावादी विचारक डॉ अनुप सिंह सर के साथ मोबाइलवाणी पर विशेष बातचीत कर जानकारी साझा की।