कई जगह ऐसी हैं, जहां आज भी रावण को आराध्य के रूप में पूजा जाता है. छिंदवाड़ा जिले में ऐसा ही एक आदिवासी गांव है, जहां रावण का एक ऊंचे टीले पर मंदिर है. मंदिर के आसपास बड़े पुराने शिलालेख बताते हैं कि रावण की याद में इस गांव का नाम रावनवाड़ा पड़ा है। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।