संसद के सदस्यों को बढ़ाई गई पत्तियों से जो शब्द हटाए गए उनका महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है कि वर्तमान में जो डाल सत्ता में है उसकी और उनके वैचारिक संगठन को हमेशा से इन शब्दों से बन रहा है इसका कारण कि वे देश को हिंदू राष्ट्र बनाया ना चाहते हैं उनके इस विचार के फलीभूत होने में यह शब्द गाहे - बगाहे आडे आते रहे हैं। आज हमारे साथ ब्लाॅक कांग्रेस कार्य.कार्यकारी अध्यक्ष संदीप भकने से विशेष बातचीत कर इस विषय पर अपनी प्रतिक्रिया साझा की।
