मध्य प्रदेश राज्य के छिंदवाड़ा जिले से योगेश मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे हैं कि, प्रशासनिक अधिकारियों के आदेश हो या जिला शिक्षा अधिकारी के निजी स्कूल संचालक दोनों ही विभागों के आदेशों की धज्जियां खुले आम उड़ा रहे हैं। यह सब देखने के बाद भी अधिकारी मौन है जिसका खामियाजा अभिभावकों को भुगतान करना पड़ रहा है ।दरअसल जिला कलेक्टर द्वारा दो माह पहले स्कूल संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए थे। कि कोई भी स्कूल संचालक 3 वर्ष तक अपने पाठ्यक्रम किताबों पर कोई परिवर्तन नहीं करेगा अगर कोई परिवर्तन करता है। तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी लेकिन इसके बावजूद भी ना पुर रोड स्थित एक निजी संचालक ने अपनी किताबों में परिवर्तन कर दिया है। क्लिक कर ऑडियो सुन सकते हैं।
