शासकीय महाविद्यालय सौसर के जन भागीदारी अध्यक्ष चंद्रशेखर अंबाटकर द्वारा माननीय न्यायालय के फैसले की अवहेलना करते हुए शासकीय महाविद्यालय सौसर में कार्यरत जनभागीदारी अतिथि शिक्षकों की सेवा समाप्ति हेतु महाविद्यालय प्राचार्य पर पत्र के माध्यम से दबाव डाला गया परिणाम स्वरूप महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ डीके इंदौर कर द्वारा मौखिक रूप से महाविद्यालय में कार्यरत जनभागीदारी अतिथि शिक्षकों को सेवा मुक्त कर दिया गया है l आपको बता दें कि माननीय न्यायालय के निर्देशानुसार महाविद्यालय में कार्यरत किसी भी जनभागीदारी अतिथि शिक्षक को सेवा मुक्त नहीं किया जा सकता हैl यदि विगत वर्ष का अतिथि विद्वान आमंत्रण स्वीकार नहीं करें या नवीन आवश्यकता हो, केवल ऐसी स्थिति में नियमानुसार कार्यवाही करते हुए किसी नए अतिथि विद्वान के लिए आमंत्रण पत्र जारी करने हेतु आवश्यक प्रक्रिया की जा सकती हैl किंतु शासकीय महाविद्यालय सौसर में जनभागीदारी अध्यक्ष चंद्रशेखर अंबाटकर द्वारा वहां के प्राचार्य पर राजनीतिक दबाव डालते हुए वहां पर कार्यरत अतिथि शिक्षकों को बिना किसी नोटिस के मौखिक रूप से महाविद्यालय नहीं आने का निर्देश दिया गया है जो कि स्पष्ट रूप से माननीय न्यायालय के निर्देशों की अवहेलना हैl