भारत एक कृषि प्रधान देश है। जिस देश में कृषि व्यवसाय या कृषि से करीबन 3 फ़ीसदी से अधिक आबादी अपनी आजीविका चलाने में कृषि पर ही आधारित है, परंतु किसान इन दिनों फसलों के दाम को लेकर निरंतर परेशान है ।और बाजारों में फसलों के दाम उचित न मिलने से परेशान भी हैं। निरंतर किसान अपनी फसलों का उत्पादन करते हैं। पर उन्हें उचित दाम ना मिलना एक बहुत बड़ी चिंता बनी हुई है। साथ ही मानसून की अनियमितता भी एक बहुत बड़ा कारण है, जो फसलों की लागत अधिक बढ़ जाती है। आज हमारे साथ ब्लॉक एनएसयूआई अध्यक्ष प्रशांत रामकृष्णा धुर्वे ने मोबाइलवाणी के साथ विशेष बातचीत कर जानकारी साझा की।
