मध्य प्रदेश राज्य के छिंदवाड़ा जिले से योगेश मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे हैं कि, जिले में इस वर्ष बीते वर्ष की तुलना में निरंतर वर्षा होने और इसके कारण फसलों की उपज पर भी अतिवृष्टि का प्रभाव देखने को मिल सकता है। जिले में मक्का उत्पादन के मामले में अव्वल चौरई विकासखंड और चांद क्षेत्र में इस बार अतिवृष्टि से जबरदस्त नुकसान हुआ है। यह बात चौरई मंडी के आंकड़ों से साफ जाहिर हो रहा है, कि हर साल दिसंबर माह में मंडी में मक्की की आवश्यक आवाज 12 से 15 बोरे तक रहते थे। इस बार दिसंबर माह के पहले दिन ही आवक 6 बोरी तक सिमट गई। किसानों का कहना है कि, मक्के के दाम तेज होने के कारण किसानों ने ट्रेसिंग के बाद फिलहाल से फसल सीधे मंडी पहुंचा दी गई। आने वाले दिनों में मंडी में मक्के की आवाज कम हो सकती हैं। क्लिक कर ऑडियो सुन सकते हैं।
