जिले में इस सीजन में करीब 50 साल का रिकॉर्ड बारिश ने तोड़ दिया है। खेत में जलभराव होने से फसलें पूरी तरीके से सड़ गई है। सितंबर माह के अंतिम सप्ताह में प्रशासन ने अतिवृष्टि से खराब फसलों की रिपोर्ट तैयार की। सर्वे रिपोर्ट में मोहखेड, छिंदवाड़ा, जुन्नारदेव, तामिया और चौरई विकासखंड के एक भी गांव शामिल नहीं किए गए हैं। अमरवाड़ा के आठ,हर्रई के दो ,परासिया के एकमात्र गांवों में अतिवृष्टि से नुकसान की बात कही गई है। इसी को लेकर किसानों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर इस रिपोर्ट पर नाराजगी व्यक्त किए हैं। क्लिक कर ऑडियो सुन सकते हैं।