मध्य प्रदेश राज्य के छिंदवाड़ा जिले से योगेश मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे हैं कि, जिले में आलू, कद्दू, हल्दी की अनुबंधित खेती के बाद अब जिले के किसान औषधीय पौधों की खेती की योजना बना रहे हैं। जिसके लिए गांव में किसान समूह बनाकर क्लस्टर तैयार कर ताकि औषधि प्रजाति की एकमुश्त बिक्री की व्यवस्था तैयार हो सके। सतपुड़ा की पहाड़ियों पर बसे छिंदवाड़ा जिले में जैव संपदा का अकूत भंडार है। इसमें औषधीय वनस्पति की सैकड़ों प्रजातियां शामिल है।क्लिक कर ऑडियो सुन सकते हैं।
