ना रेत ना शिक्षा माफिया चाहिए, हमे तो बस समाजसेविका चाहिए चुनाव प्रचार में सबसे आगे है सुमन पातुरकर रामाकोना । त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए मतदान की तारीख निकट आते ही चुनाव प्रचार अब प्रत्याशियों की वास्तविकता से मतदाताओं को रू-ब-रू होने तक पहुंच गया है। इधर प्रत्याशी मतदाताओं को अपने पक्ष में रूझाने हर संभव प्रयास कर रहे है। जिला पंचायत क्षेत्र क्रमांक 23 का चुनाव सर्वाधिक चर्चित है। यहा यू तो 6 प्रत्याशी मैदान में है लेकिन प्रमुख रूपसे तीन नाम ही चर्चा में है। प्रमुख राजनीतिक दलों की और से उतरे दो प्रत्याशी को मतदाता रेत और शिक्षा माफिया से जोड़ कर देख रहे है। आरक्षण के चलते यह एक प्रत्याशी जिला पंचायत क्षेत्र क्रमांक 24 को छोड़कर 23 में घुसपैठ की है। वहीं पिछली बार निरस्त हुए पंचायत चुनाव में खड़ी प्रत्याशी के पती को एक पार्टी ने उतारा है मतादाता इन्हें बाहरी प्रत्याषी बात रहे है। इधर पूर्व जिला पंचायत सदस्य सुमन दिनकर पातुकर स्वतंत्र रूप से चुनाव मैदान में है। जनपद सदस्य रहते हुए रामाकोना जनपद क्षेत्र के गावों में किए गए विकास कार्य जनता के सामने होने से सुमन पातुरकर मतदाओं की पंसद बनी हुई है। सहज, सरल व आसानी से उपलब्ध होने के अलावा जनसेवा व जनता की समस्याओं के लिए प्रशासन के साथ भीड़ने का माहदा रखने, पति दिनकर पातुरक सामाजिक कार्यकर्ता होने का लाभ सुमन पातुरकर को मिल रहा है। महिला होने से महिला मतादाता की पहील पसंद बन चुकी सुमन पातुरकर कहती है कि राजनीति को जनसेवा के रूप में देखती हूं। मेरा परिवार देश की आजादी की लडाई में शामिल रहा है। धर्म संस्कृति के साथ ही अध्यात्म के क्षेत्र में भी इनके परिवार की सक्रिय सहभागिता रही है। चचा ससुर देवराव पातुरकर के कार्य से उनकी विशेष पहचान रही है। राजनीति गुरू चाचा ससुर से सीखे है। जिला पंचायत क्षेत्र क्रमांक 23 में मतदाता अपने प्रत्याशियों का व्यक्तित्व, उनके काम और राजनीतिक पृष्ठभूमि को देख रहे है। मतदाओं का रूझान सामने रखने पर ज्ञात होता है कि श्रीमती सुमन पातुरकर चुनाव प्रचार में अन्य प्रत्याशियों से बढ़त बनाते हुए आगे बढ रही है।