राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर हुई परिचर्चा राष्ट्रीय शिक्षा नीति से आएगा शिक्षा व्यवस्था में एक नया परिवर्तन रामाकोना - शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रामाकोना मेें रविवार को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 पर शाला प्रबंधन विकास समिति के सदस्य एवं शिक्षकों के एक दिवसीय प्रशिक्षण सह उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया । कार्यशाला का विधिवत शुभारंभ एसएमडीसी की सदस्या श्रीमती सुमन दिनकर पातुरकर, रमेश करवंदे एवं संस्था प्राचार्य ए एच खान के हस्ते हुआ। श्री खान ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का परिचय देते हुए बताया की समय के साथ शिक्षा व्यवस्था में भी परिवर्तन की आवश्यकता महसूस करते हुए केंद्र सरकार द्वारा 20 अप्रैल 2020 को राष्ट्रीय शिक्षा नीति- 2020 लागू की गयी है। इस नीति के भाग एक स्कूल शिक्षा के विभिन्न विषयों पर संस्था के शिक्षकों ने अपनी बात रखी। शिक्षक श्री चंद्रकांत नाचनकर ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति भाग-1 स्कूल शिक्षा के शीर्षक- 5 शिक्षक पर अपनी बात रखते हुए कहा कि वर्तमान परिदृश्य में शिक्षक की उदासीनता और समाज के प्रति उसके दायित्व में कमी को दूर करने हेतु इस नीति में विभिन्न प्रावधानों की संस्तुति की गई है, जिससे शिक्षक पूर्ण कुशल होकर समाज में वही आदर का स्थान पा सकेगा। कार्यशाला में श्री आर डी भकने ने स्कूल कांप्लेक्स कलस्टर के माध्यम से कुशल संसाधन और प्रभावी गवर्नेंस, श्री बीआर बट्टी ने प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा सीखने के नींव, श्री एच जी बल्की ने ड्रॉपआउट बच्चों की संख्या कम करना और सभी स्तरों पर शिक्षा की सार्वभौमिक पहुंच सुनिश्चित करना, श्रीमती वंदना गुप्ता ने ऑनलाइन और डिजिटल शिक्षा प्रौद्योगिकी का न्याय सम्मत उपयोग सुनिश्चित करना ,श्रीमती कल्पना मानकर ने समतामूलक और समावेशी शिक्षा सभी के लिए अधिगम जबकि श्री आकाश साहू ने प्रौद्योगिकी उपयोग एवं एकीकरण विषय पर राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में उल्लेखित बातों एवं संस्तुतियों को परिचर्चा में पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से रखा। कार्यशाला का संचालन श्रीमती वंदना गुप्ता, एवं आभार प्रदर्शन संस्था प्राचार्य श्री ए एच खान ने किया। कार्यशाला में शाला प्रबंधन विकास समिति से गणेश सोनेकर, मेहमूद मंसूरी, दिनकर पातुरकर धर्मेंद्र प्रजापति एवं अन्य अभिभावक गण उपस्थित थे।