विकास का ढिंढोरा पिटने वालों का मुंह चिढ़ा रहा हैं गहरा नाला पुलिया कछुआ गति से हो रहा निर्माण आमजनों के लिए मुसिबत बना। ---------------------------------------------------------------------- राष्ट्रीय राजमार्ग 547 पर सौंसर विकासखंड के ग्राम रामाकोना के निकट गहरानाला पुलिया के निर्माण को लेकर सत्ताधारी दल एवं निर्माण एजेंसी पर उंगलियां उठ रही है । ज्ञात हो कि सन 2015 में 13 अगस्त को गहरा नाला पुलिया की एप्रोच सड़क बह गयी थी और सन 2016 में 22 अप्रैल की दोपहर 12.43 बजे नवनिर्मित पुलिया बैठ गया था । इस घटना के एक साल बाद पुलिया निर्माण कार्य शुरू हुआ उस दिन से अबतक कछुआ गति हो रहे निर्माण के कारण जहां यह पुलिया विकास का ढिंढोरा पिटने वालो का मुह चिढ़ा रहा है। गहरानाला पुलिया निर्माण अब मुसिबत बना गया है। हर साल बारिश के चार माह बाढ़ के कारण नाले पर जाम लगता है शेष आठ माह वैकल्पिक व्यवस्था के तहत बनी सड़क की धुल उड़ने से लोग परेशान होते हैं। विगत वर्ष जनपद सदस्य सुमन पातुरकर ने ज्ञापन देकर अनशन की चेतावनी दी वहीं ग्राम पंचायत रामाकोना के सरपंच किरण कुमार धुर्वे, उपसरपंच अब्दुल कलाम अंसारी सामाजिक कार्यकर्ता दिनकर पातुरकर वरिष्ठ पत्रकार भावराव चौधरी, उमराव वाहने , पप्पु ठाकुर ललित मलिक सहित ग्रामीणों ने जिला स्तर पर पहुंच कर एन एच के महाप्रबंधक के कार्यकाल में धरना दिया । तब लिखित आश्वासन पर धरना समाप्त किया था । इस के बाद वैकल्पिक व्यवस्था के तहत बनी सड़क का डामरीकरण हुआ था। लेकिन वर्तमान में स्थित जस की तस बनी हुई है ।
