माता भुवनेश्वरी का मंदिर आस्था व श्रद्धा का केन्द्र रामाकोना - सतपुड़ा की सुरम्य वादियों में स्थित छिंदवाड़ा जिले के सिल्लेवाणी वनपरिक्षेत्र के अंतर्गत बंजारी माता एवं भुवनेश्वरी माता के मंदिर में हुई नवरात्री पर घट स्थापना । यह दोनों ही माता के दरबार वर्षों से श्रध्दा व आस्था का केन्द्र है । बंजारी माता सिल्लेवाणी घाट के सुरवात में नागपूर- छिदवाडा मार्ग पर रामाकोना से दस कि.मी दुरी पर स्थित है जबकी भुवनेश्वरी माता गायमुख रामाकोना से पांच कि.मी दूरी पर प्रकृती के गोद में विराजमान हैं । माता भुवनेश्वरी मंदिर में वर्षभर लोग पुजा-अर्चणा के आते - जाते रहते हैं । किन्तु नवरात्री व श्रावण मास में इस मंदिर में विशेष चहल-पहल श्रध्दालुओ की होती है । पंचमुखी शेषनाग के आसन पर विराजमान हैं और माता के ठीक समक्ष दिव्य शितल जल कुंड स्थापित है । जनश्रृती के अनुसार इस कुंड के जल में औषधीय गुण होने से कैंसर जैसी बिमारीयो को भी आराम लगता है ।
