राशन के लिए उपभोक्ताओ को लंबी दूरी तय करनी होती है । सौसर विकास खंड में ऐसे कई ग्राम है जहां पंचायत स्तर पर शासकीय उचित मूल्य की दुकान न होने से 20 से 25 कि.मी. की लंबी दूरी तय कर राशन लेने के पैदल तय करनी होती है । ग्राम पंचायत उटेकाटा के ग्राम उटेकाटा , मैना घोंदी, काशी घोंधी, बड़ी खैरी और खैरी जिन्हें लंबी दुरी तय कर बग्गू बिछुआ राशन लेने जाना होता है, बारिश के दिनों में यह दुरी ओर भी बढ़ जाती है शोबना नदी में बाढ़ आने के कारण वहीं दुसरी ओर इसी पंचायत के ग्राम करमाकडी और जिरोला ग्राम के उपभोक्ताओ को निमनी के शासकीय उचित मूल्य की दुकान से राशन वितरण होता है । इन दो ग्रामों के हितग्राहियों बारिश के समय राशन लेने कन्हान नदी पार कर निमनी पहुंचना होता है परिणाम स्वरुप बाढ़ के कारण कई उपभोक्ता राशन लेने पहुंचते ही नहीं ,यही हाल डुकरझेला पंचायत के हितग्राहियों का है जिन्हें जोबनी से राशन वितरण होता है। कुछ इसी तरह पिपला कन्हान , सालईढाना एवं सितापार पांगडी का भी है । कई बार हितग्राहियों को राशन वितरण की सुचना न होने से लंबी दूरी तय कर बैगेर राशन लिए वापस जाना पड़ता है। उटेकाटा, पिपला कन्हान, एवं डुकरझेला के ग्रामीण लंबे समय शासकीय उचित मूल्य की दुकान की मांग कर कर रहे हैं किन्तु संबंधित अधिकारी इस मामले में मौन साधे हुए हैं। उटेकाटा से राजु भानगे, मंगल बेटेकर सितापार से श्रीकृष्णा धुन्डे एवं डुकरझेला से पंछीलाल ने पृथक दुकान की मांग की है ।