*अमरवाड़ा में व्यापार के नाम पर कुछ भी बंद नहीं, व्यापारी प्रशासनिक नियमों को दिखा रहे ठेंगा* आर्थिक तंगी से जूझ रहा मध्यम वर्गीय परिवार *अमरवाड़ा।।* इस समय सिर्फ और सिर्फ मध्यम वर्गीय परिवार ही लॉकडाउन के कारण आर्थिक तंगी से जूझ रहा है। वही सभी व्यापारियों के व्यापार सुचारू ढंग से चल रहे हैं,जिसमें जेवर-चांदी, बर्तन, कपड़ा व्यवसाई अपना व्यापार करके चांदी पीट रहे है। गरीब मजदूर वर्ग मजदूरी करके अपना जीवन उपार्जन कर रहा है। किराना दुकानों से जीवन उपयोगी रोजमर्रा की सामग्रियां 10 से 20 परसेंट अधिक दामों में बेची जा रही है। मध्यमवर्गीय और गरीब परिवार प्रताड़ित है। यह समय शादी विवाह की भरमार होने के कारण ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों का अमरवाड़ा में व्यापारियों के प्रतिष्ठानों में जमावड़ा देखने को मिल रहा है और ऐसे में ना तो सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जा रहा है और ना ही किसी तरह की सुरक्षात्मक स्थिति का। इसलिए अमरवाड़ा में सिर्फ और सिर्फ आर्थिक मंदी के दौड़ से सिर्फ मध्यम वर्गीय परिवार ही जूझ रहा है। जिसे कहीं आवागमन का व्यापार करने की छूट नहीं दी गई है। प्राइवेट कार्य करने वाले भी इस मार को झेल रहे हैं। जबकि अमरवाड़ा में व्यापारिक प्रतिष्ठान अपनी चरम सीमा लांघने से नहीं कतरा रहे हैं कीमत से अधिक रुपए में जमकर बेच रहे हैं। तो क्या प्रशासन को इस ओर ध्यान नहीं देना चाहिए की कोरोना महामारी सिर्फ मध्यमवर्गीय और गरीब परिवारों के लिए ही आई हुई है। अमरवाड़ा के व्यापारी वर्ग के लापरवाही के चलते ही अमरवाड़ा में कोविड-19 संक्रमण की इतनी बदतर स्थिति पूर्व में बनी हुई थी परंतु अब फिर कोरोना का खौफ व्यापारियों में नजर नहीं आ रहा है और वह फिर लापरवाही करते नजर आ रहे हैं यही नहीं प्रशासनिक नियमों को भी अनदेखा करने से नहीं चूक रहे हैं। ऐसे में प्रशासनिक विभागों को कड़ा रुख अपनाना चाहिए। ✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️
