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झारखंड राज्य के बोकारो ज़िला के पेटरवार प्रखंड से सुषमा कुमारी ने झारखंड मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया, कि गर्मी से बचने के लिए समय पर भोजन,आम,बेल,सत्तू का शरबत, निम्बू पानी,प्याज़ का रस से शरीर में मालिश करने से गर्मी तथा लूह से राहत मिलती है। साथ ही घर से बाहर निकलते समय छाता ले कर निकलना चाहिए। प्रशासन द्वारा जगह-जगह पानी की व्यवस्था करनी चाहिए,प्रत्येक स्वास्थ्य केंद्र में ओआरएस पाउडर उपलब्ध करवाना चाहिए, हर क्षेत्र में कैंप लगा कर चिकित्सकों की सहायता से लोगों के स्वास्थ्य जाँच अवश्य करवानी चाहिए। सड़कों के किनारे पेड़-पौधे लगानी चाहिए जिससे लोगों को ठण्डी हवा और छाया मिल सके। लोगों को खान-पान पर विशेष ध्यान रखनी चाहिए हमेशा गर्म भोजन करना चाहिए। हर क्षेत्र में पानी की समस्या को दूर करने के लिए लोगों को व्यक्तिगत तौर पर पानी का संरक्षण करना चाहिए।
झारखंड राज्य के हज़ारीबाग़ ज़िला के दारू प्रखंड से बलराम शर्मा मोबाइल वाणी के माध्यम से बताते हैं, कि गर्मी का मौसम आते हीं मनुष्यों के साथ-साथ जीव-जंतुओं को कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। हम सभी को गर्मी से बचने के लिए घरेलू उपचार अपनाना चाहिए। जैसे कि-जब भी लोग अपने काम के लिए घर से बाहर निकलते हैं, तो आम का शरबत,निम्बू पानी, पुदीना और प्याज का सेवन करना चाहिए। इन सबका सेवन करने से लोग लू से बच सकते हैं। प्रत्येक वर्ष जब भी गर्मी आता है, तो अपने साथ कई चुनौतियाँ ले कर आता है। बढ़ती गर्मी के कारण कई राज्यों में लोगों को पानी की किल्ल्त होने लगती है। लोग 10-12 किलोमीटर दुर जा कर गंदे पानी पीने को बेबस हो जाते हैं। पानी के साथ-साथ लोगों को कृषि उत्पादन एवं बिजली कटौती का भी सामना करना पड़ता है। अतः प्रशासन अपनी जिम्मेदारियों को समझे और गर्मी के मौसम में लोगों को हर सुख सुविधा मुहैया करवाएँ।
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झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग जिला के इचाक प्रखंड से टेक्नारयण प्रसाद ने झारखण्ड मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताते है की चिलचिलाती धूप और गर्म हवाओं के मौसम में आपकी कार्यक्षमता पर तो बुरा असर पड़ता ही है, अपने ऊपर अधिक ध्यान देने की भी जरूरत होती है।खासकर खानपान का तो इस मौसम में विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। ऐसे में खाने-पीने का खास खयाल रखा जाए तो शरीर के कमजोर होने और बीमारी पास आने की आशंका काफी कम हो जाती है।इस मौसम में शरीर में पानी का स्तर ठीक रखना बेहद जरूरी है। इस घर से पानी या कोई ठंडा शरबत पीकर निकलें, जैसे आम पना, शिकंजी, खस का शर्बत आदि।साथ में भी पानी लेकर चलें।लू लगने पर शरीर में गर्मी, और थकावट महसूस होने लगती है।मसल्स में खिंचाव लगता है, शरीर टूटने लगता है और प्यास बढ़ जाती है। कई बार बुखार बहुत ज्यादा बढ़ जाता है ऐसे में बेहोशी भी आ सकती है।हमे इन से बचाना चाहिए।गर्मी के दिनों में लोगों को पेयजल समस्या का सामना करना पड़ता है। कुंआ ,तालब ,नलकूप ,सुख जाते है पानी का हमे बर्बादी नहीं करना चाहिए।आवश्यकता अनुसार पानी का उपयोग करना चाहिए।जगह -जगह लगाए पानी के घड़े का उपयोग करना चाहिए।सरकार को पानी की व्यवस्था करनी चाहिए।
झारखण्ड राज्य के बोकारो जिला से सुषमा कुमारी जी मोबाइल वाणी के माध्यम से कहती है कि गर्मी से बचने के लिए समय पर खाना खाये एवं गर्मी के मौसम में बेल,आम निम्बू और सत्तू की शर्बत पीने से शरीर को राहत मिलती है साथ प्याज का रस भी शरीर पर लगाने से गर्मी और लू से बचा जा सकता है। जब भी कही निकलना हो तो छाता और चप्पल का प्रयोग अवश्य करें। गर्मी से बचाव के लिए प्रशासन को चाहिए की जगह जगह पर शेड का निर्माण करें व स्वास्थ्य केन्द्रो पर ओआरएस का पैकेट अधिक मात्रा में उपलब्ध कराये ,डाक्टरों द्वारा लोगो की जाँच की जानी चाहिए ,तथा शुद्ध जल की व्यवस्था करनी चाहिए। इस गर्मी में बांसी खाना ना खाये और भरपूर मात्रा में पानी पिए।
झारखण्ड राज्य के हजारीबाग जिला के इचाक प्रखंड से टेकनारायण प्रसाद कुशवाहा जी मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि हमारे देश में गर्मी के मौसम में पानी की किल्लत हो जाती है।जिस कारण लोग पानी के बचाव के उपाय सोचने लगते है।इस बढ़ती गर्मी में लोगों के सामने कई चुनौतियां भी आ जाता है.गर्मी के मौसम में आदमी,बच्चों तथा जानवरों को बचने का एक ही उपाय है कि जब घर से निकलते है तो खाना तथा पानी का बोतल लेकर निकलें तथा धुप से बचने के लिए छाता तथा मोटी तौलिया डालकर बाहर निकलना चाहिए।वही ठन्डे और पेय जल का भोजन करना चाहिए।इस बढ़ती गर्मी में प्रसाशन की ओर से भी मदद करनी चाहिए।ऐसे बहुत से लोग होते है जो जगह-जगह चौक चौराहों पर घड़ा में पानी और गुड़ चना रखते है जिससे लोगों की मदद हो सके।
झारखंड राज्य के धनबाद जिले के बाघमारा प्रखंड से बीरबल महतो जी मोबाईल वाणी के माध्यम से बता रहे है कि गर्मी के दिनों में लू लगने के कारण बहुत सारे लोग मौत के शिकार हो जाते है।गर्मी में नदी-नाले सब सुख जाने के कारण पानी की समस्या गंभीर हो जाती है।नलकूप ख़राब होते है। बच्चों को स्कूल आने-जाने में परेशानी होती है।गर्मी को देखते हुए प्रशासन को स्कूलों में छुट्टी कर देनी चाहिए।हमें गर्मी की नजाकत को देखते हुए ही घर से बाहर निकलना चाहिए।ठंडा पेय पदार्थो का हमे सेवन करना चाहिए।कहा जाता है की एक प्याज अपने साथ रखने पर लू लगने की संभावना बहुत कम हो जाती है।साथ ही हमे छाता का भी प्रयोग करना चाहिए।सरकार को समय-समय पर जल उपलब्ध कराना चाहिए। प्रत्येक दो से तीन किलोमीटर की दुरी पर राहगीरों के लिए पानी शाला होनी चाहिए।
झारखण्ड राज्य के हजारीबाग जिला से टेकनारायण प्रसाद कुशवाहा जी मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि गर्मी के मौसम में हमारे देश में पानी की किल्लत हो जाती है।जो लोगो के लिए कभी कभी जानलेवा भी साबित हो जाता है। इसलिए लोगो को गर्मी के मौसम में पानी को बचाना चाहिए। गर्मी के दिनों में कुओं ,तालाबों ,पोखर के किनारे दस फ़ीट का गड्ढा बना देना चाहिए जिससे पानी को जमा किया जा सके। इससे पानी का संरक्षण हो जाता है। गर्मी के मौसम में जब कोई कही बाहर जाए तो अच्छी तरह से पानी पी कर और खाना खा कर निकले तथा खाने में प्याज को शामिल करे।साथ ही सर पर तौलिया या कपड़ा बांध कर और पानी अवश्य रखे। इस तरह से लू से बचा जा सकता है।
