झारखंड राज्य के बोकारो जिला के पेटरवार प्रखंड से सुषमा कुमारी मोबाइल वाणी के माध्यम से कहती है कि शिक्षा अधिकार अधिनियम के अंतर्गत सभी बच्चों को निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा देने का प्रावधान किया गया है।लेकिन यह कानून सिर्फ कागज पर ही सिमट कर रह गया है।जिसकारण इसका नुकसान बच्चों को उठाना पड़ रहा है।वही बच्चे अच्छे शिक्षक के अभाव में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा नहीं ले पाते है।सरकार द्वारा इसके लिए करोड़ो रूपये खर्च किये जाते है लेकिन कई बच्चों को अभी तक पुस्तक नहीं मिल पाई है जिसकारण बच्चे पढ़ाई से वंचित है ।
झारखण्ड राज्य के बोकारो जिला से सुषमा कुमारी मोबाइल वाणी के माध्यम से कहती है कि युवा वर्ग में बढ़ती हिंसा की प्रवृति से लोगो में शोक ,चिंता और खौफ नजर आती है। युवा वर्ग की इस अपराध की घटनाओं से समाज ,संस्कृति ,सभ्यता और जनता पर काफी गहरा बुरा प्रभाव पड़ता है। आज के युवा वर्ग अपनी जिंदगी बर्बाद कर रहे है और उसी को लक्ष्य बना रहे है। अभी के युवाओ को उच्च शिक्षा के साथ उज्जवल भविष्य बनाने के साथ साथ एक अच्छे समाज के निर्माण में योगदान देना चाहिए। युवाओं में बढ़ते अपराध के कुछ कारण है जैसे कि आर्थिक तंगी ,बेरोजगारी ,शराब ,नशा ,पारिवारिक आभाव ,भरस्टाचार ,प्रशासन द्वारा अपराध को बढ़ावा देना और उनका संरक्षण मिलना। इन सब कमियों को दूर कर सरकार युवाओं में बढ़ते अपराध की प्रवृति को रोक सकती है।जिससे एक अच्छे समाज निर्माण में युवाओं की भागीदारी बढ़ेगी।
झारखण्ड राज्य के बोकारो जिला से सुषमा कुमारी जी मोबाइल वाणी के माध्यम से कहती है कि गर्मी से बचने के लिए समय पर खाना खाये एवं गर्मी के मौसम में बेल,आम निम्बू और सत्तू की शर्बत पीने से शरीर को राहत मिलती है साथ प्याज का रस भी शरीर पर लगाने से गर्मी और लू से बचा जा सकता है। जब भी कही निकलना हो तो छाता और चप्पल का प्रयोग अवश्य करें। गर्मी से बचाव के लिए प्रशासन को चाहिए की जगह जगह पर शेड का निर्माण करें व स्वास्थ्य केन्द्रो पर ओआरएस का पैकेट अधिक मात्रा में उपलब्ध कराये ,डाक्टरों द्वारा लोगो की जाँच की जानी चाहिए ,तथा शुद्ध जल की व्यवस्था करनी चाहिए। इस गर्मी में बांसी खाना ना खाये और भरपूर मात्रा में पानी पिए।
Transcript Unavailable.
जिला बोकारो प्रखंड पेटरवार से सुषमा कुमारी जी मोबाइल वाणी के माध्यम से कहती है निर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों में सामंजस्य के आभाव के कारण विकास के कार्य अवरुद्ध होते है।पंचायत प्रतिनिधियों में आपसी लगाव बहुत कम होता है साथ ही उनमे ईर्ष्या और द्वेष की भावना भी रहती है।जैसे की किसी योजना से सम्बंधित जानकारी के बारे में हम क्यों पूछने जायेंगे या फिर वे मेरे पास आयेंगे, इस तरह की भावना छिपी रहती है।जिसका सीधा असर जनता के विकास के कार्यो पर पड़ता है।इसके लिए विशेष प्रशिक्षण की आवश्यकता है ,तथा एक दूसरे के साथ सामंजस्य बना कर विकास के कार्यो में अपनी अपनी भूमिका निभाने की जरुरत है। अक्सर देखा जाता है की पंचायत प्रतिनिधियों के पास संसाधनों का भी आभाव रहता है।अत: सरकार को इस पर विशेष ध्यान देने की जरुरत है।
Transcript Unavailable.
Transcript Unavailable.
