झारखण्ड राज्य के धनबाद जिला के महुदा से सुनील सोरेन, मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते हैं कि झारखण्ड सरकार के आदेश के अलोक में भारतीय संविधान में अंकित संथाली भाषा ओल चिकि लिपि की शिक्षकों की बहाली सिर्फ संथाल परगना क्षेत्र में ही की गई है।जबकि झारखण्ड के बाकि क्षेत्रों में भी ओल चिकि लिपि की शिक्षकों की बहाली की जानी चाहिए लेकिन नहीं गई है।बहाली नहीं होने कारण शिक्षित युवा बेरोजगार होकर इधर से उधर भटकने को बेबस हैं। सरकार के इस रवैये के कारण संथाली भाषा के शिक्षकों में भारी आक्रोश है।