झारखण्ड राज्य के गढ़वा ज़िला के चिरौंजिया निवासी मनोज प्रसाद जो एकविकलांग व्यक्ति हैं और गरीबी रेखा से नीचे की श्रेणी में आते हैं। वे मोबाइल वाणी के माध्यम से बताते हैं कि उनके पास राशन कार्ड नहीं है ,उन्होंने राशन कार्ड के लिए कई बार प्रखंड कार्यलय का चक्कर काटचुके हैं, लेकिन उनका राशन कार्ड नहीं बन पाया है । राशन कर न रहने से उन्हें बहुत दिक्क़तों का सामना करना पड़ रहा हैं। साथ ही वे बताते हैं कि उनके पास आयुष्मान कार्ड भी लेकिन इसके तहत भी उन्हें कोई सुविधा नहीं मिल रही हैं। आगे उन्होंने बताया कि बीमारी हालात में इलाज के लिए रांची आने पर डॉक्टर द्वारा उन्हें इधर से उधर भटकाया गया। अपने क्षेत्र के व्यक्तियों के विषय में बताते हैं कि जो लोग नरेगा में काम करते हैं उन्हें एक दिन की मज़दूरी के रूप में 178 रुपय मिलता हैं जबकि आज के समय में कुली रेजा को एक दिन की मज़दूरी 350 रूपए मिलती हैं। सरकारी योजनाएँ तो आ जाती हैं लेकिन सरकार सही ढंग से लाभुकों तक योजनाओं का लाभ नहीं पहुँचा पाते हैं।
