जरीडीह बीडीओ ने किया सामुदायिक शौचालय का उद्घाटन।

सड़क सुरक्षा जागरुकता के लिए जैनामोड़ में नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया।

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झारखण्ड राज्य के जमशेदपुर से मधु ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि कृषि पर जलवायु परिवर्तन का सीधा और गहरा नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है, जिसमें मानसून की अनिश्चितता, अत्यधिक तापमान, सूखा और बाढ़ जैसी स्थितियां प्रमुख हैं। इसके परिणामस्वरूप फसलों की उत्पादकता में कमी, पोषक तत्वों में गिरावट, कीटों के प्रकोप में वृद्धि और पशुधन के स्वास्थ्य पर असर पड़ रहा है, जिससे किसानों की आय और खाद्य सुरक्षा को खतरा पैदा हो गया है। ग्लोबल क्लाइमेट रिस्क इंडेक्स 2021 के अनुसार, भारत जलवायु परिवर्तन से सबसे अधिक प्रभावित दस शीर्ष देशों में शामिल है। जलवायु की बदलती परिस्थितियां कृषि को सबसे अधिक प्रभावित कर रहीं हैं क्योंकि लम्बे समय में ये मौसमी कारक जैसे तापमान, वर्षा, आर्द्रता आदि पर निर्भर करती है। अतः इस लेख में हम यह जानने का प्रयास करेंगे कि जलवायु परिवर्तन कृषि को कैसे प्रभावित करता है।

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Jan. 31, 2026, 11:25 a.m. | Tags: autopub  

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झारखण्ड राज्य के बोकारो जिला से शुभम कुमार मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि अचानक सूखा और बेमौसम बारिश जलवायु परिवर्तन के कारण फसलों के लिए सबसे बड़ा खतरा बन गया है। इससे भारी आर्थिक नुकसान होता है।जिससे पौधे सुख जाते हैं जबकि अत्यधिक जल भराव से जड़ों में ऑक्सीजन की कमी और कटी हुई फसलों में अंकुरन शुरू होने के कारण फसल पूरी तरह बर्बाद हो जाती है

झारखण्ड राज्य के बोकारो जिला से अमन मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि जल संकट के कारण फसलों की सिंचाई नहीं हो पाती है और इसके लिए लोगों को खेतों के किनारे गडढे खोदकर बारिश का पानी इक्कट्ठा करना चाहिए। इससे जल भराव कम होता है ,भूजल स्तर बढ़ता है और सिंचाई के लिए पानी मिलता है। मुख्य रूप से एक से दो मीटर चौड़े और गहरे गड्ढे या नालियाँ बनाकर उन्हें मिट्टी की नमी और फसलों की रक्षा के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है

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